
ये गीत शमीम कराहनी ने 30 जनवरी 1948 को लिखा, जिस दिन गाँधी की हत्या की गयी. शमीम कराहनी भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के कवि थे. उनकी कविताएँ इतनी प्रभावशाली थीं कि वे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान, दिल्ली, लखनऊ और वाराणसी जैसे शहरों की सड़कों पर निकाली गई...
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