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गीताजी के पाँच श्लोक (स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज की वाणी में)

पाँच श्लोक, गंगाजल व अंतसमय में भगवान याद आने की महिमा

नित्यस्तुति व प्रार्थना (स्वामीजी श्रीरामसुखदासजी महाराज की वाणी में, प्रातः 5 बजे प्रतिदिन)

नित्यस्तुति-प्रार्थना + गीतापाठ - अध्याय 01, श्लोक 01 से 07 + हरिशरणम् कीर्तन

सत्संग - एकै साधे सब सधे (03/08/1991, प्रातः 5 बजे)

नित्यस्तुति-प्रार्थना + गीतापाठ - अध्याय 01, श्लोक 08 से 17 + हरिशरणम् कीर्तन

सत्संग - परमात्मप्राप्ति का सर्टिफिकेट (18/04/1991, प्रातः 5 बजे)

नित्यस्तुति-प्रार्थना + गीतापाठ - अध्याय 01, श्लोक 18 से 27 + हरिशरणम् कीर्तन

सत्संग - नाथ थारे शरणे आयो जी (05/06/1996, प्रातः 5 बजे)

नित्यस्तुति-प्रार्थना + गीतापाठ - अध्याय 01, श्लोक 28 से 37 + हरिशरणम् कीर्तन