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बातों बातों में पर हम बात करते हैं कुछ हल्के-फुल्के मगर संजीदा, और मज़ेदार विषयों पर जो हमारी दैनिक ज़िंदगी का हिस्सा होते हैं मगर बड़े बड़े मुद्दों को सुलझाते हुए हम इनके बारे में बात करना भूल जाते हैं। हम चाहते है कि लोग हमें सुने, हम उनसे अपनी समस्याएँ बाँट कर उनके विचार जान सके। साथ ही साथ आप मिलेंगे एक नए महमान से। तो शुरू करें अपनी बातों के सफ़र को - “बातों बातों में”

Happy Mother’s Day to all the wonderful moms listening to this show. आज क्योकी Mother's Day है इसलिए आजका episode भी mothers से related है। आज हम बात करने वाले हैं IMPROVE इस शब्द की मगर एक Therapeutic Tool के रूप में देखेंगे। हाल ही में मैने DBT Dialectical behavior therapy के बारे में पढ़ा जो behavioral patterns को समझने में हमारी मदद करता है, और इस इस therapy में Improve the moment ये एक tool है जो stressful situations में हमें अपनी भावनाओं को handle करने में काम आता है। मुझे लगा की इसे आपसे share करना चाहिए। इसके बारे में Mother's Day पर बाँटने का कारण ये है की हम अक्सर इनकी तरफ़ ध्यान नहीं देते हैं। इस एपिसोड में आगे हम जब इस word के हर एक letter को decode करेंगे तब आपको समझमें आ जाएगा की मैं क्या कहना चाहती हूँ। आइए फिर IMPROVE इस शब्द को एक नए अन्दाज़ में समझते हैं। I :Imagery (think about your favorite place) M: Meaning (find the meaning to of your actions) P:Prayer R:Relaxation (do whatever you like) O: One (thing at a time) V: Vacation (taking a break) E: Encourage (using encouraging words for yourself) You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

हम सभी के मन में सिर्फ़ दो तेरह के विचार आते हैं- अच्छे ओर बुरे। 24घंटे के एक दिन में हमारे मन में अनगिनत ख़याल आते हैं। हमारा मन अच्छे ख़याल को तो तुरंत भूल जाता है मगर एक छोटे से छोटा बुरा ख़याल हमें झकझोर कर रख देता है। हमें कुछ सूझता ही नहीं है। और फिर ये एक बुरा ख़याल कई और बातों पर अपना असर दिखाने लगता है। इसलिए अगर हम अपने negative thoughts से दूर रहने की कोशिश करेंगे तो कई और बातें अपने आप सुलझ जाएँगी। ऐसा नहीं है की हम ये करने की कोशिश भी नहीं करते हैं लेकिन क्या करें, बुरे ख़याल बार बार मन में आ ही जाते हैं। लेकिन अब बस। इनको रोकने का अब कोई ना कोई रस्ता ढूँड़ना होगा। वह रास्ता है emotional diet का महत्व समझने कर उसे अपनी ज़िंदगी में शामिल करना। वह कैसे करे आइए बताती हूँ। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

हम जब लगातार inspiring talks सुनते हैं, या हमेशा positive रहने वाले लोगों से मिलते हैं तब automatically हमारे बोलने में उसका प्रभाव झलकने लगता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी भाषा में ऐसे कई शब्द होते हैं जो हमें empowering लगते हैं। जिसे Transformational Vocabulary भी कहा जाता है। हम भी transformational vocabulary को अपनी ज़िंदगी में शामिल कर सकते हैं। जिन लोगों ने इसके बारे में सुना होगा उन्होंने इसके प्रभाव को महसूस भी किया होगा । और जिनका अभी तक इससे परिचय नहीं हुआ है तो मुझे ये पूरा यक़ीन है की आजका episode सुनने के बाद आप इसे अपनी आदतों में ज़रूर शामिल कर लेंगे। कैसे ये जानने के लिए आइए मेरे साथ। समझते हैं शब्दों की ताक़त को और बात करते हैं Transformational Vocabularyके बारे में। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

बदलाव। बदलाव हम सभी चाहते हैं। मगर बदलाव हमेशा हमारे मुताबिक़ ही हो ये ज़रूरी नहीं है। कई बदलाव हमारे अच्छे के लिए होते है। तो कुछ बदलाव हमारे अच्छे खासे चल रहे जीवन में उथल पुथल भी लेकर आते हैं। फिर क्या करें? बदलाव ना ही हो तो अच्छा हैये सोच कर चुप बैठ जाएँ, और जैसा चल रहा है वैसा चलने दें? लेकिन फिर हम वह कैसे बन पाएँगे जो हम बनना चाहते हैं? इसका एक ही जवाब है – कुछ और बदले उसके पहले हमें बदलना होगा।मगर कैसे? सोचने की बात तो है। चलिए फिर आज बात करते हैं- कुछ और बदले उसके पहले हमें बदलना होगा। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

Confidence is not “I am better than them”, confidence is “I am great, so are they” सफलता किसे अच्छे नहीं लगती। आख़िर हम जितनी मेहेनत करते हैं, वह सफलता पाने के लिए, ख़ुश रहने के लिए एक आराम का जीवन जीने के लिए ही तो है। लेकिन इतना सब होते हुए भी हम कई मौक़ों पर restless हो जाते हैं। हमें हमेश एक डर सा लगा रहता है की कोई हमसे आगे ना निकल जाए। ऐसा क्यों? अगर मेहेनत हम स्वयं के लिए कर रहे हैं, हम अपने जीवन को सवारना चाहते हैं फिर दूसरों की इतनी चिंता क्यों? अगर सोचना ही है तो स्वयं के बारे में सोचते हैं ना। हम सबको अपनी क्षमताएन पता हैं तो उनको इस्तेमाल करके आगे बढ़ते हैं। स्वयं पर विश्वास रखते हैं, हारे अंदर छुपी प्रतिभाओं को जगाते हैं। ऐसा करने से हमें कभी भी दूसरे से insecurity नहीं होगी। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

स्वतः की कबीलियत या self worth जिसे हम आत्म-मूल्य भी कहते हैं उसे जानने के लिए या पारखने के लिए हमारी performance यानी हमारा काम -क्या ये एक सही मापदंड हैं? या ऐसा कहते है कि क्या performance और हमारी self worth का आपस में कोई संबंध है? मुझे ऐसा लगता है की अगर हम अपनी performance को, सफलताओं को self-worth से जोड़ेंगे तो हम हमेशा असंतुष्ट ही रहेंगे। क्योंकी हर बार तो हमें सफलता नहीं मिलेगी। और सफलता पाने के लिए, आगे बढ़ने की होड़ में हम दूसरों को अपेक्षा से ज़्यादा महत्व देने लगते हैं। कैसे? आइए बात करते हैं आज के एपिसोड में। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.co Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

आज का एपिसोड listening skills पर है। जितना मैं लोगों से मिलती हूँ उतना मुझे ऐसा लगता है कि हम अगर ग़ौर करें तो हम सभी में listening skills की कमी होती हैं। हमें कई बार ऐसा लगता है के हम सुन रहे होते हैं मगर वास्तव में हमारा ध्यान कहीं और ही होता है। शायद कितनी ही गलरफ़हमियों का, आपसी अनबन का समाधान हो जाएगा अगर हम इस एक skill को अपना ले। हमारे बड़े बुज़ुर्ग कहते थे की भगवान ने दो कान और एक मूह दिया है। उनका सही उपयोग करने में ही भलाई है। सच बात ये है की हम अधिकतर समय कुछ ना कुछ सुन रहे होते हैं। कभी स्वयं के entertainment के लिए, कभी कुछ नयी information के लिए या कभी कुछ और। अब हमें ऐसा लगना स्वाभाविक है की जब हम इतना सुनते हैं इसका मतलब हमारा listening mechanism पूर्ण रूप से developed है। मगर क्या आपको लगता है ऐसा वास्तव में है? Be honest। तो किस प्रकार अपनी listeningskillsको बहटर बनाए? कैसे एक अच्छे श्रोता बनें? 1. Active listening 2. Look at the person who is speaking 3.Acknowledgement 4.Body language 5.Habit of interrupting You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.co Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

आज मैं आपसे valentine dayके विषयमें या प्यार के विषय मैं बात नहीं करने वाली हूँ।मैं बात करना चाहती हूँ उस एक ख़ास व्यकती की जिसे हम अक्सर नज़रंदाज कर देते हैं।जो हमेशा हमारे सामने ही होता है।मैं बात कर रही हूँ हमारे स्वयं की। आजका एपिसोड उन सब माँओ के लिए है जो हमेशा सबका ख़याल रखती हैं मगर कहीं ना कहीं स्वयं को प्राथमिकता देना भूल जाती हैं। सच बात तो ये है की हम चाहें या ना चाहें माने या ना माने, मगर हमें ही स्वयं का ध्यान रखना पड़ेगा।कोई आकर हमारा ध्यान नहीं रखेगा। तो चलिए आज valentine day पर ख़ुदसे ख़ुदको प्यार करने का वादा करतेहैं। You can follow me at: Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

Welcome to "Baton-Baton Mein" . Baton Baton Mein is a place where we will be talking about many topics. It can be parenting topics or some motivational topics. Overall it will cover all those topic that you would like to discuss with your friends. Hope you will enjoy it. See you soon!! Facebook: MothersGurukul Twitter: alpana_deo Instagram: alpanabapat Blog: www.mothersgurukul.com Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com

"Pahachaan" or Identity is one such word that puts many of us in a state of dilemma. What to say, how to say, how to introduce ourself. This is one big question for many women. In this episode, we are going to talk about how to find your identity. It is not that hard to introduce yourself. Let's see how? Facebook: https://www.facebook.com/MothersGurukul/ Twitter: http://twitter.com/alpana_deo Instagram: https://www.instagram.com/alpanabapat/ Email: batonbatonmeinpodcast@gmail.com Blog: ww.mothersgurukul.com